यहाँ 5 मार्च, 2026 को पिछले 24 घंटों में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच हुए घटनाक्रमों का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है। इस दौरान क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया, जिसके वैश्विक स्तर पर राजनयिक, आर्थिक और मानवीय निहितार्थ सामने आए।
प्रमुख घटनाक्रम: एक नज़र में
पिछले 24 घंटों में यह संघर्ष सिर्फ सैन्य भिड़ंत से आगे बढ़कर एक व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक संकट में बदल गया। ईरान ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले तेज कर दिए, जबकि अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के युद्ध अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक लड़ाई हार गई। ।
सैन्य और रणनीतिक घटनाक्रम
ईरान का जवाबी हमला और नई धमकियाँ: ईरान ने गुरुवार को इजराइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी। । इस दौरान तेल अवीव और यरुशलम में हवाई हमले के सायरन बजे और विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं । ईरानी राज्य टेलीविजन ने दावा किया कि ये हमले अमेरिकी ठिकानों पर भी किए गए । एक अलग घटना में, एक वरिष्ठ ईरानी कमांडर ने कहा, "हमने अमेरिकियों से जहाँ कहीं भी हों, लड़ने का फैसला किया है।"
भारतीय महासागर में समुद्री टकराव: इस संघर्ष की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक भारतीय महासागर में घटी, जहाँ एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टारपीडो से डुबो दिया। । इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए । ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने इसे "समुद्र में एक अत्याचार" बताया और कहा कि अमेरिका को इसके लिए "कड़ा पछतावा" होगा । गौरतलब है कि यह ईरानी युद्धपोत हाल ही में भारतीय नौसेना के एक अभ्यास में भाग लेकर लौट रहा था ।
इजराइल का जवाबी अभियान: इजराइली सेना ने तेहरान में ईरानी बुनियादी ढांचे पर "बड़े पैमाने पर हमलों की लहर" चलाई । सेना के अनुसार, इन हमलों में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइटों और अन्य सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया । एक इजराइली सैन्य अधिकारी ने बताया कि तेहरान के एक सैन्य परिसर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय पर 100 से अधिक लड़ाकू विमानों ने 250 से अधिक बम गिराए।
लेबनान में संघर्ष का विस्तार: इजराइल ने ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह आतंकवादी समूह के खिलाफ लेबनान में भी हमले तेज कर दिए । इजराइली सेना ने पिछले 24 घंटों में हिज़्बुल्लाह से जुड़े 80 ठिकानों पर हमला करने का दावा किया । लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए । विशेष रूप से, त्रिपोली शहर में बेद्दावी फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर हुए एक हमले में दो लोग मारे गए, जो अब तक का सबसे उत्तरी हमला था। ।
राजनीतिक और राजनयिक प्रतिक्रियाएँ
अमेरिकी कांग्रेस में गतिरोध: अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले को रोकने के लिए डेमोक्रेट्स द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया। । यह वोट काफी हद तक पार्टी लाइनों के साथ 53-47 से विफल रहा, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप को युद्ध जारी रखने की शक्ति मिलती रहेगी । इसके बाद, प्रतिनिधि सभा गुरुवार को इसी तरह के एक प्रस्ताव पर मतदान करने की तैयारी में है, जो ट्रंप की रणनीति के लिए एक और शक्ति परीक्षण होगा ।
ईरान में नेतृत्व संकट: इस युद्ध ने ईरान में एक बड़ा नेतृत्व संकट पैदा कर दिया है। 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शनिवार को मारे जाने के बाद उनके अंतिम संस्कार की योजनाएँ स्थगित कर दी गई हैं । उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को उनके संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, जो दर्शाता है कि तेहरान अमेरिकी-इजराइली दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है । इजराइल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि नए सर्वोच्च नेता ने धमकी दी तो वह भी "निशाने पर होंगे।"
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ: कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने युद्धविराम का आह्वान किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करना चाहिए। । तुर्की ने कहा कि नाटो की वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर दिया, जो इस संघर्ष में गठबंधन की पहली सीधी भागीदारी है । चीन ने मध्य पूर्व में मध्यस्थता के लिए एक विशेष दूत भेजने की घोषणा की । भारत ने उन रिपोर्टों का खंडन किया कि अमेरिकी नौसेना के जहाज ईरान के खिलाफ अभियानों के लिए भारतीय बंदरगाहों का उपयोग कर रहे थे।
व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव
खाड़ी देशों पर असर: ईरानी हमलों ने खाड़ी के कई देशों को सीधे प्रभावित किया है।
· कतर: राजधानी दोहा में एक मिसाइल हमले की सूचना मिली, जिसके बाद अमेरिकी दूतावास के पास के इलाकों को खाली करा लिया गया ।
· संयुक्त अरब अमीरात (यूएई): अबू धाबी में अल धफरा एयर बेस के पास एक ड्रोन मार गिराया गया, जिसके मलबे से छह लोग घायल हो गए ।
· सऊदी अरब और कुवैत: सऊदी अरब ने जॉर्डन की सीमा से लगे अपने एक प्रांत में एक ड्रोन नष्ट करने का दावा किया । कुवैत के तट पर एक तेल टैंकर पर हुए हमले की भी सूचना मिली, जिससे वाणिज्यिक शिपिंग के लिए खतरा बढ़ गया ।
आर्थिक और मानवीय संकट:
· तेल की कीमतें: इस संघर्ष का सबसे बड़ा आर्थिक प्रभाव तेल बाजारों पर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें संघर्ष शुरू होने के बाद से लगभग 15% बढ़ चुकी हैं और गुरुवार को फिर से इसमें तेजी आई। ।
· हवाई यात्रा ठप: पूरे क्षेत्र में वाणिज्यिक हवाई यातायात लगभग पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे हजारों यात्री फंस गए हैं । ओमान और कतर जैसे देशों ने फंसे हुए विदेशियों को निकालने के लिए राहत उड़ानें शुरू की हैं ।
· जनविस्थापन और हताहत: संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, तेहरान से लगभग 100,000 लोग पलायन कर चुके हैं । युद्ध में अब तक ईरान में 1,200 से अधिक, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे जा चुके हैं । अमेरिका ने भी कुवैत में एक ड्रोन हमले में अपने छह सैनिकों की मौत की पुष्टि की है ।
5 मार्च का दिन इस संघर्ष के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जहाँ यह सिर्फ एक सैन्य टकराव से बढ़कर एक व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक संकट में बदल गया। आने वाले दिनों में स्थिति और कैसे विकसित होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
Disclaimer: This article is for informational and news analysis purposes only. The information is based on publicly available reports and does not intend to promote violence or conflict.
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